सांबा में कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन, महंगाई, बिजली शुल्क, बेरोजगारी और राज्य का दर्जा बहाल करने की उठी मांग

सांबा में कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन, महंगाई, बिजली शुल्क, बेरोजगारी और राज्य का दर्जा बहाल करने की उठी मांग
सांबा, 8 सितंबर: वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं एम.के. भारद्वाज और सतीश दत्ता के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सांबा में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महंगाई, बिजली बिलों में कथित भारी टैक्स एवं शुल्क, बेरोजगारी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित एफआईआर, लंबे समय से लंबित सांबा–मानसर सड़क परियोजना तथा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे उठाए गए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि आम जनता से जुड़े मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है। कांग्रेस नेताओं ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

बिजली बिलों में राहत की मांग

प्रदर्शन के दौरान बिजली बिलों में कथित भारी टैक्स और अन्य शुल्क लगाए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मौजूदा बिजली बिल व्यवस्था की समीक्षा करने तथा कथित अतिरिक्त एवं अत्यधिक शुल्क वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़ते घरेलू खर्च के बीच भारी बिजली बिल लोगों की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देने की मांग की।

शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार की मांग

कांग्रेस नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती बेरोजगारी, विशेषकर शिक्षित युवाओं की समस्याओं को लेकर भी सरकार को घेरा।

उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और शिक्षित एवं योग्य युवाओं के लिए प्रभावी रोजगार नीति लागू करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि वर्षों तक शिक्षा और पेशेवर योग्यता हासिल करने वाले युवाओं को अपने क्षेत्र में बेहतर करियर के अवसर मिलने चाहिए।

राहुल गांधी के खिलाफ कथित एफआईआर वापस लेने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग भी उठाई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि मामला उचित आधार के बिना दर्ज किया गया है।

उन्होंने मांग की कि एफआईआर वापस ली जाए और राजनीतिक मुद्दों को जनता से जुड़े मूलभूत सवालों पर हावी नहीं होने दिया जाए।

सांबा–मानसर सड़क का काम प्राथमिकता पर शुरू करने की मांग

सांबा–मानसर सड़क परियोजना में कथित देरी का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने सड़क का काम जल्द शुरू कर निर्धारित समय में पूरा करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यह सड़क स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है तथा परियोजना में देरी के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग

कांग्रेस नेताओं ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राज्य का दर्जा बहाल करना जम्मू-कश्मीर के लोगों की राजनीतिक और प्रशासनिक आकांक्षाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में जल्द निर्णय लेने की मांग की।

जनहित के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई, बिजली के बढ़े हुए शुल्क, बेरोजगारी, सड़क संपर्क और राज्य का दर्जा बहाल करना सीधे तौर पर जनता के जीवन और भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं।

उन्होंने सरकार से आम जनता को राहत देने और लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सांबा सहित पूरे जम्मू-कश्मीर के लोगों की मांगों को लेकर सरकार पर ठोस कार्रवाई के लिए दबाव बनाएगी।